Mere Rashke Qamar Lyrics -Rahat Fateh Ali Khan

 

SingerNUSRAT FATEH ALI KHAN,RAHAT FATEH ALI KHAN

Mere Rashke Qamar Lyrics In English

 

Aaaa…

Mere Rashk E Qamar Tu Ne Pehli NazarJab Nazar Se Milaayi Maza Aa gaya
Barq Si Gir Gayi Kaam Hee Kar Gayi
Aag Aisee Lagaayi Maza Aa gayaJaam Mein Ghoul Kar Husan Ke Mastiyan
Chaandni Muskurai Maza Aa gaya

Chaand Ke Sa’ay Mein Ay Mere Saaqiya
Tu Ne Aisee Pilaayi Maza Aa gaya
Nasha Sheeshe Mein Angrai Laine Laga
Bazm Rindaan Mein Saagar Khanakne Laga

Maikade Pe Barasne Lagi Mastiyaan
Jab Ghata Gir Ke Chaayi Maza AagayaBe Hijabaana Woh Saamne Aa gaye
Aur Jawaani Jawaani Se Takra Gayi
Aankh Unki Laree Yoon Meri Aankh Se

Daikh Kar Ye Laraai Maza Aa gayaAankh Mein Thee Haya Her Mulaqaat Par
Surkh Aariz Hu’ay Wasal Ki Baat Par
Us Ne Sharma Ke Mere Sawaalat Pe
Aise Gardan Jhukaayi Maza Aagaya

Shaikh Sahib Ka Imaan Bik He Gaya
Daikh Kar Husan E Saqi Pigal He Gaya
Aaj Se Pehle Ye Kitne Maghroor The
Lut Gayi Parsaayi Maza Aa gaya
Mere Rashk E Qamar Tu Ne Pehli Nazar

 

Mere Rashke Qamar Lyrics In Hindi

 

 

मेरे रश्के क़मर तू ने पहली नज़र
जब नज़र से मिलाई मज़ा आ गया
मेरे रश्के क़मर तू ने पहली नज़र
जब नज़र से मिलाई मज़ा आ गया
जब नज़र से मिलाई मज़ा आ गया

बर्क सी गिर गयी काम ही कर गयी
आग ऐसी लगायी मज़ा आ गया
जाम में घौल कर हुस्न की मस्तियाँ
चांदनी मुस्कुराई मज़ा आ गया

चाँद के साए में ऐ मेरे साकिया
तू ने ऐसी पिलाई मज़ा आ गया

नशा शीशे में अंगड़ाई लेने लगा
बज़्म रिन्दान में सागर खनकने लगा
मैकदे पे बरसने लगी मस्तियाँ
जब घटा गिर के छाई मज़ा आ गया

वो बे हिजबाना वो सामने आ गए
और जवानी जवानी से टकरा गयी
और जवानी जवानी से टकरा गयी
आँख उनकी लड़ी यूँ मेरी आँख से
आँख उनकी लड़ी यूँ मेरी आँख से
देख कर ये लड़ाई मज़ा आ गया

मेरे रश्के क़मर तू ने पहली नज़र
जब नज़र से मिलाई मज़ा आ गया

आँख में ठी हया हर मुलाक़ात पर
सुर्ख आरिज़ हुए वसल की बात पर
सुर्ख आरिज़ हुए वसल की बात पर
उसने शर्मा के मेरे सवालात पे
उसने शर्मा के मेरे सवालात पे
ऐसे गर्दन झुकाई मज़ा आ गया

मेरे रश्के क़मर तू ने पहली नज़र
जब नज़र से मिलाई मज़ा आ गया
मेरे रश्के क़मर तू ने पहली नज़र
जब नज़र से मिलाई मज़ा आ गया
जब नज़र से मिलाई मज़ा आ गया

बर्क सी गिर गयी काम ही कर गयी
आग ऐसी लगायी मज़ा आ गया
जाम में घौल कर हुस्न की मस्तियाँ
चांदनी मुस्कुराई मज़ा आ गया

शिख साहिब का ईमान बिक ही गया
देख कर हुस-ए-साक़ी पिघल ही गया
आज से पहले ये कितने मगरुर थे
लुट गयी परसाई मज़ा आ गया

ऐ फ़ना शुकर है आज बाद-ए-फ़ना
उसने रख ले मेरे प्यार की आबरू
अपने हाथों से उसने मेरी क़बर पर
चादर-ए-गुल चढ़ाई मज़ा आ गया

मेरे रश्के क़मर तू ने पहली नज़र
जब नज़र से मिलाई मज़ा आ गया

 

Mere Rashke Qamar Lyrics Arijit Singh

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