ishq farzi jannt zubair

गाना: इश्क फर्जी
गायक: जन्नत जुबैर
गीतकार: कुमार
संगीतकार: रामजी गुलाटी

Ishq Farzi Lyrics

सोचा नहीं था मेरा हाथ छोड़ा जायेगा
बदलेगा राही मेरा साथ छोड़ जायेगा
हाथों पे तेरे मैंने रख दी थी जो
जाते जाते मुझे वो लकीरें मोड़ जायेगा

जाना है तो जा है तेरी मर्ज़ी
मान लुंगी था तेरा इश्क फर्जी
जाना है तो जा है तेरी मर्ज़ी
मान लुंगी था तेरा इश्क फर्जी

टुटा नहीं तूने वादा तोड़ा है
थोड़ा नहीं दिल ज्यादा तोड़ा है
टुटा नहीं तूने वादा तोड़ा है
थोड़ा नहीं दिल ज्यादा तोड़ा है

तू निकला मतलबी होने लगा मतलबी
जा देख ली तेरी खुदगर्जी
मान लुंगी था तेरा इश्क फर्जी

जाना है तो जा है तेरी मर्ज़ी
मान लुंगी था तेरा इश्क फर्जी
मान लुंगी था तेरा इश्क फर्जी