dilli waali baatchee lyricst

गाना: दिल्ली वाली बातचीत
एल्बम: मिस्टर नैर
गायक: रफ़्तार
गीतकार: रफ़्तार
संगीतकार: रफ़्तार

Dilli Waali Baatcheet Lyrics in Hindi

येह रा
दिल्ली रररह
उह..

शओलिन रा ओह ओव
दिल्ली वाली बातचीत ब्रो ओह ओव
दिल्ली वाली बातचीत ब्रो ओह ओव
ऊपर से माल ठीक ब्रो ओह ओव
बिना सुने होती मार पीट ब्रो ओह ओव

दिल्ली वाली बातचीत ब्रो ओह ओव
दिल्ली वाली बातचीत ब्रो ओह ओव
ऊपर से माल ठीक ब्रो ओह ओव
बिना सुने होती मार पीट ब्रो ओह ओव

पंचतत्व मेरा फ्लो ये जैक एंड जिल करते हैं
चुगली मेरे बारे फुद्दू घुल मिल करते हैं
जलने वाले जलते हमतो चिल करते हैं
क्योंकि जलने वाले भी तो मेरा बिल भरते
एब्यूज करे पर वो देते व्यूज मुझे
सोके उठता हूँ तो मिलता है बिस्तर पे जूस मुझे

अपने मेरे करजाते हैं कभी कभी यूज़ मुझे
फोकस मेरा बाज़ कर ना पाएंगे कंफ्यूज मुझे
लिख के ले
हिन्दीट्रैक्स
मिले तो बोले भाई पिक लेले
भाई है तो दिल लेले haters मेरा d***k लेले
कैसे होते hater दिखने में

ये जिनकी DP होती नकली और गवार होते लिखने में
और थोड़े फैन दूसरों के
उसने दिक्कत नहीं क्योंकि सारे बन ही रहोगे
fans नहीं है मेरे भाई गुज्जरों में
सारे जाट दिल्ली वाले और पंजाब के घरों में
उत्तर से दक्षिण पूरब से पश्चिम मैं रोल करूँ
आते है ऑफर मुझको भी पिक्चर में रोल करू
कहाँ पे रोल करू लीगल होना बाकि है रे
शीशे गाड़ी के साफ़ पर दीखते नहीं साथी मेरे

ओह ओव
दिल्ली वाली बातचीत ब्रो ओह ओव
दिल्ली वाली बातचीत ब्रो ओह ओव
ऊपर से माल ठीक ब्रो ओह ओव
बिना सुने होती मार पीट ब्रो ओह ओव

दिल्ली वाली बातचीत ब्रो ओह ओव
दिल्ली वाली बातचीत ब्रो ओह ओव
ऊपर से माल ठीक ब्रो ओह ओव
बिना सुने होती मार पीट ब्रो ओह ओव

व्रूम! शीशे नीचे हो तो सब कुछ क्लियर
साढ़े 3 लीटर इंजन फिर भी धीरे करूँ स्तीर
डिज़ाइनर वियर किसी बन्दे का ना फियर
या तू भाई वाला डिअर या फिर सलमान भाई वाला डियर
सुबह चाय रात बियर या स्कॉच
ये सोचके की ख़तम किया मैंने माँ का बोझ
अब देखे Netffix, प्राइम करे वाच
जो थी नौकरी पे जाती दूर 60 मील रोज़
माँ ने बोला सब तू साचा साचा करना
वरना मुझको भी आता जी काचा काचा कामा
जिनको ना ज़िन्दगी में काम अचा करना
उनसे दरख्वास्त मेरी तू ना बचा वाचा करना
येह येह

एहसान सबका
अपनों के दिलों में हूँ मेहमान सबका
जीत चूका दुनिया मैं मेरी जान कब का
जब आया call मुझे सीधा रहमान सर का
दिल दा नि मादा नहीं
दिल मेरा काला नहीं
मैं आगे बढ़ने वाला पीछे मुड़ने वाला नहीं
लिखने को लिखदुं सारी लाइन्स जैसे बैटल रैप
भेड़ चाल वाली दुनिया करना पड़ता कैटल रैप
मीह एह

दिल्ली वाली बातचीत ब्रो ओह ओव
दिल्ली वाली बातचीत ब्रो ओह ओव
ऊपर से माल ठीक ब्रो ओह ओव
बिना सुने होती मार पीट ब्रो ओह ओव

दिल्ली वाली बातचीत ब्रो ओह ओव
दिल्ली वाली बातचीत ब्रो ओह ओव
ऊपर से माल ठीक ब्रो ओह ओव
बिना सुने होती मार पीट ब्रो ओह ओव

दिल्ली वाली बातचीत ब्रो ओह ओव
दिल्ली वाली बातचीत ब्रो ओह ओव
ऊपर से माल ठीक ब्रो ओह ओव
बिना सुने होती मार पीट ब्रो ओह ओव